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Ved Life Mantra H-J-O

Ved Life Mantra H-J-O

ved life mantra

My podcast is for all Humans & Humanity globally . I am the product of FIVE ELEMENTS with LOVE of My Dedicated , Devoted Parents & Gurus Respected Govind Singh ji, Res. Swami Vivekananda & Res. Dr. A.P.J. Abdul Kalam - Vande Maanavta 🇮🇳

138 - Why a woman Cry ?
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  • 138 - Why a woman Cry ?

    The man will never understand why a woman cry but the man might understand some reasons like maybe she has been so she is crying maybe she has lost somebody so she is crying but what is the real reason when women cries without any visible reason

    Sun, 05 May 2024 - 03min
  • 137 - Hind ki Chadar Guru Tegh Bahadar

    वेद कबीर नमन करें है सच्चे साहसी वीर योद्धा गुरु तेग बहादुर जी के चरणों में उनके मात पिता के चरणों में उनके गुरुओं के चरणों में गुरु तेग बहादुर जी के संस्कारों को नमन कर स्वीकार करें है वेद भगत सिंह गुरुजी मुझे क्षमता और आशीर्वाद प्रदान करें कि इस समाज से मैं सामाजिक आतंकवाद को समूल मिटा सकूं

    Mon, 29 Apr 2024 - 09min
  • 136 - भगवान महावीर जयंती

    भगवान महावीर के जीवनोप्यगी, राष्ट्रउपयोगी उपदेश अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अस्तेय (चोरी न करना) और ब्रह्मचर्य

    Sun, 21 Apr 2024 - 08min
  • 135 - A father who is also a true mother

    वंदे मातरम मेरे वेद कबीर पॉडकास्ट को सुनने वालों कौन कहता है कि भारतीय समाज पुरुष प्रधान समाज है इस पॉडकास्ट को सुनने के बाद आपके पिता के मातृत्व का सच्चा आभास होगा

    Mon, 15 Apr 2024 - 13min
  • 134 - श्री दुर्गा सप्तशती संपूर्ण

    चैत्र नवरात्र का महत्व सनातन धर्म में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का जन्म हुआ था और मां दुर्गा के कहने पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू वर्ष शुरू होता है. इसके अलावा कहा जाता है भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम का जन्‍म भी चैत्र नवरात्रि में ही हुआ था. इसलिए धार्मिक दृष्टि से भी चैत्र नवरात्र का बहुत महत्व है. चैत्र नवरात्रि मनाने के पीछे एक और पुरानी कहानी है. जिसके अनुसार दशानन रावण की ताकत के बारे में सभी देवी-देवताओं को पता था. इसलिए सीता को लंका से वापस लाने के लिए जब श्रीराम रावण से युद्ध करने जा रहे थे, तो उन्हें देवताओं ने मां शक्ति की उपासना और आराधना कर उनसे विजय का आर्शीवाद लेने की सलाह दी.  भगवान राम ने मां शक्ति की विधिवत पूजा प्रारंभ कर दी. मां को फूल अर्पित करने के लिए 108 नीलकमल की व्यवस्था की. इसके साथ ही मंत्रोच्चारण के साथ पूजा शुरू कर दी. जब रावण को इस बात का पता जला कि श्री राम मां चंडी की पूजा कर रहे हैं, तो उसने भी मां की पूजा शुरू कर दी. रावण तो बड़ा शक्तिशाली था ऐसे में किसी भी हाल में अपनी हार नहीं चाहता था, इसलिए उसने राम के 108 फूलों में से एक चुरा लिया और अपने राज्य में मां चंडी का पाठ करने लगा. राम को इस बात का पता चला और उन्होंने कम पड़ रहे एक नीलकमल की जगह अपनी एक आंख मां को समर्पित करने का प्रण लिया, लेकिन जैसे ही श्रीराम अपनी आंखें निकाल मां को समर्पित करने जा रहे थे तभी मां प्रकट हुईं और उन्होंने भगवान राम को जीत का आशीर्वाद दिया. जब रावण चंडी पाठ कर रहा था. तभी हनुमान जी वेश बदलकर ब्राह्मण के रूप में रावण के पास पहुंचे. पूजा कर कहे रावण से गलत मंत्र का उच्चारण करवा दिया जिससे मां चंडी क्रोधित हो गईं और रावण को श्राप दे दिया. जिसके परिणामस्वरूप राम-रावण युद्ध में रावण का अंत हो गया. नवरात्रि के आखिरी दिन को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है.

    Tue, 09 Apr 2024 - 27min
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